अभिजीत किसी फोन का परीक्षण कर रहा था। वह फोन भारत के एक नामी ब्रांड का था। फोन का उपयोग करते-करते अचानक उसने कहा कि यह कितना अच्छा फोन है लेकिन मैमोरी कम होने की वजह से सबकुछ खराब हो जाता है। देखिए न फोन की इंटरनल मैमोरी 4 जीबी है और उसमें लगभग 2.5 जीबी ऑपरेटिंग और सिस्टम फाइल में चली जाती है। कुल मिलाकर लगभग 1.5 जीबी का स्पेस बच रहा है। मैंने अभी एक भारी भरकम गेम डाउनलोड कर लिया। फोन इतना अच्छा है कि उस गेम को आसानी से प्ले कर रहा है लेकिन इसके बाद मैमोरी में कुछ बचता ही नहीं।
अभिजीत की यह बात हमें भी अच्छी लगी। स्मार्टफोन की मांग बढ़ रही है और स्मार्टफोन पर चलाने के लिए अब अच्छे गेम व एप्लिकेशन भी उपलब्ध् हैं। उन एप्लिकेशन को रन करने के लिए ताकतवर प्रोसेसर व रैम से भी फोन लैस हो चुका है लेकिन अगर उच्च रेंज के फोन को छोड़ दें तो मध्य और कम रेंज के फोन में इंटरनल मैमोरी बहुत ही कम है।
एक स्मार्टफोन को स्मार्ट बानाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम के बाद इंटरनल मैमोरी दूसरी सबसे जरूरी चीज है। बावजूद इसके मोबाइल निर्माता इसकी अनदेखी करते हैं और उपभोक्ता भी इंटरनल मैमोरी के बारे में बगैर जानकारी लिए बड़ी स्क्रीन और ज्यादा-ज्यादा एक्सपेंडेबल मैमोरी देखकर फोन की खरीदारी कर लेता है। परंतु उसे नहीं मालूम कि स्मार्टफोन के नाम पर वह सिर्फ एक मल्टीमीडिया फोन ही घर ले जा रहा है जो अच्छा म्यूजिक और मैमोरी कार्ड से वीडियो प्ले कर सकता है, न कि ज्यादा से ज्यादा गेम व एप्लिकेशन का मजा देने में सक्षम है।
क्यों है जरूरी इंटरनल मैमोरी
मल्टीमीडिया फोन हो या स्मार्टफोन हर स्थिति में इंटरनल मैमोरी बहुत ही उपयोगी होती है। आज जरूरतें बढ़ती जा रही हैं। जहां लोग ज्यादा से ज्यादा कॉन्टेक्ट, मेल और मैसेज सहित कई अन्य निजी डाटा फोन में रखते हैं। ये सारा डाटा फोन की इंटरनल मैमोरी में ही सुरक्षित होता है। ये डाटा भले ही कम स्पेस लेते हों लेकिन धीरे-धीरे जब मैमोरी भरने लगती है तो फोन में कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं। इंटरनल मैमोरी कम होते ही फोन हैंग होने व धीमा होने जैसी शिकायतें शुरू हो जाती हैं।
रही बात एप्लिकेशन और गेम की तो एंडरॉयड ऑपरेटिंग आधारित फोन में अब आप कुछ गेम व एप्लिकेशन को मैमोरी कार्ड में स्टोर कर सकते हैं या मैमोरी कार्ड में मूव कर सकते हैं। यह सेवा एंडरॉयड ऑपरेटिंग के नए संस्करणों में उपलब्ध् है लेकिन पुराने ऑपरेटिंग में यह संभव नहीं है। रही बात विंडोज और आईओएस की तो आज भी इनमें यह सेवा उपलब्ध् नहीं है कि आप गेम व एप्लिकेशन कार्ड में डाउनलोड कर रन करें। एप्पल आईफोन में तो एक्सपेंडेबल मैमोरी सपोर्ट ही नहीं है जबकि विंडोज फोन के नवीन संस्करण में यदि कार्ड सपोर्ट है भी तो आप उसमें गेम व एप्लिकेशन को डाउनलोड कर रन नहीं कर सकते। सिर्फ मल्टीमीडिया कंटेंट ही रखा जा सकता हैं।
इस बारे में अर्शदीप सिंह कहते हैं, ‘आज के स्मार्टफोन में इंटरनल मैमोरी का एक निश्चित फोर्मेट होता है। 512 एमबी, इसके बाद 4 जीबी, 8 जीबी और 16 जीबी। ऐसे में जब आप 512 एमबी मैमोरी वाला डिवायस लेते हैं तो उसमें सौ से डेढ़ सौ एमबी ही उपभोक्ता के लिए मिल पाएगा। क्योंकि बाकी की मैमोरी ऑपरेटिंग और सिस्टम फाइल में चली जाती है। ऐसे में आप फोन में बहुत कम ही एप्लिकेशन व गेम इंस्टाल कर पाएंगे।’
अर्शदीप आगे कहते हैं, ‘भले ही कार्ड में एप्लिकेशन को इंस्टॉल या मूव करने का विकल्प दिया हो लेकिन इसमें भी इंटरनल मैमोरी का 20 फीसदी उपयोग होता है। क्योंकि एप्लिकेशन उसमें इंस्टॉल पैक तैयार करता है। इंटरनल मैमोरी जैसे-जैसे फुल होती जाती है वैसे फोन में थोड़ी समस्या भी आने लगती है। फोन हैंग होने लगेगा या फिर धीमा हो जाएगा।’
‘वहीं कई मामलों में एक्सपेंडेबल मैमोरी की अपेक्षा इंटरल मैमोरी तेज भी होती है। एक मैमोरी कार्ड में प्रति सेकेंड 20 एमबी का डाटा ट्रांसफर होता है। जबकि आज कल स्मार्टफोन में जिनमें बेहतर इंटरनल मैमोरी लगा हुआ वह 200 एमबी प्रति सेकेंड की दर से डाटा ट्रांसफर करने में सक्षम है।’
कैसे बचाएं मैमोरी
अब तक तो आपने समझ लिया होगा कि किसी भी फोन के लिए इंटरनल मैमोरी कितनी जरूरी है। मैमोरी जितनी ज्यादा होगी फोन का परफोर्मेंस उतना बेहतर होगा। यदि आप पिछले कुछ समय से स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं और आपको लगता है कि आपका फोन पहले की अपेक्षा थोड़ा धीमा हो रहा है या ज्यादा हैंग हो रहा है तो उसका एक कारण फोन की इंटरनल मैमोरी कम होना भी हो सकता है। ऐसे में आप इंटरनल मैमोरी को थोड़ा खाली कर फोन के परफोर्मेंस को बेहतर कर सकते हैं।
इंटरनल मैमोरी भरने के कई कारण हो सकते हैं। इसमें अनावश्यक कॉन्टेंट, टेंपरोरी फाइल और कैचेज इत्यादि हैं। टैंपरोरी और कैचेज को आप इंटरनेट सेटिंग में जाकर खत्म कर सकते हैं। इसके साथ ही यदि जरूरी न हो तो इंटरनेट हिस्ट्री भी आप खत्म कर सकते हैं। कुछ पुराने एप्लिकेशन, जिनका आप उपयोग नहीं कर रहे हों, को भी अनइंस्टॉल कर दें।
आज क्लाउड सर्विस भी बहुत प्रचलन में है। ऐसे में यदि आप इंटरनेट सेवा का उपयोग कर रहे हैं तो इंटरनल मैमोरी में रखी गई वे फाइल का जिनका आप कम उपयोग करते हैं उसे क्लाउड पर रख सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि आप इन फाइलों को किसी अन्य डिवायस या कंप्यूटर से भी उपयोग कर सकते हैं। इन सबसे भी यदि मैमोरी खाली नहीं हो
रही है तो आप फोन कंटेंट जैसे- कॉन्टेक्ट, मैसेज, मल्टीमीडिया और एप्लिकेशन का बैकअप लेकर फैक्ट्री सेटिंग कर दें। इसके बाद काफी मैमोरी खाली हो जाएगा। हां, याद रहे कि फैक्ट्री सेटिंग से पहले पूरी तरह आश्वस्त हो जाएं कि डाटा का बैकअप तैयार हो गया है। अन्यथा फोन से सभी डाटा खत्म हो जाएगा। इन सब सावधनियों को ध्यान में रखकर आप कम इंटरनल मैमोरी के साथ भी स्मार्टमोबिलिटी का मजा ले सकते हैं।

mere pass sony ericsson w8 e16i mobile he muje koi aisa apps bataiye jisse me phone memory se memory card me apps transfer kar saku plzzz me bahot paresan rehta hu
ReplyDeleteसोनी एरिक्सन का यह फोन बहुत पुराना है। इस फोन में एप्लिकेशन को इंटरनल मैमोरी में ही सेव करने का विकल्प है। आप कार्ड में मुव या इंस्टाल नहीं कर सकते। हां, थोड़ी मैमोरी बड़ाने के लिए अक्सर कैश मैमोरी और वेब हिस्ट्री को डिलीट करते रहें।
ReplyDeletemuje 4500 ke badjet wala fon lena he jisme 3G aur android ho aap muje bataiye me konsa fon kharidu aur kya itne badjet me achhe fon honge
ReplyDeletemere pass samsung grand GT-19082 mobile phone he usme android 4.2.2 se 4.3 ya 4.4 upgrade karna hai to kya ho sakta he aur kaise muje is baare me jarur sujaav de thank you
ReplyDeleteKam budget me lava aur micromax jaise indian brand ke pas hi 3G android phone milenge jo bahut achhe nahi kahe ja sakte. Sadharan performance milega.
DeleteIsme operating upgradable nahi hai. Aur khud se upgrade karne ki koshish na kare to jyada hai. Agar upgrade hota hai to company khud bhejegi aur woh aapki setting me aa jayega.
ReplyDeletebahot bahot shukriya har sawaal kajawab dene k liye
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