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ट्विटर पर छाये नरेंद्र मोदी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां जाते हैं वहीं उनके प्रशंसको की एक लंबी कतार बन जाती है। ऐसा उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले भी था और अब भी है। बल्कि अब तो वह सोशल मीडिया (Social Media) में भी काफी छाये हुए हैं।  खेलो मोदी और जीतो मोदी उनके प्रशंसको की कोई कमी नहीं है इस बात का अंदाजा उनके ट्विटर अकाउंट ( @ narendramodi )  से लगाया जा सकता है। जहां उनके फाॅलायर्स की लिस्ट 8 मिलियन को भी पार कर गई है। नरेंद्र मोदी ऐसे पहले भारतीय प्रधानमंत्री है जो ट्विटर पर इतने लोकप्रिय हो रहे हैं।  स्मार्ट नमो का आॅक्टा कोर स्मार्टफोन, कीमत-16,000 व 18,000 साथ ही एक रिपोर्ट के अनुसार बराक ओबामा और पोप के बाद नरेंद्र मोदी दुनिया के तीसरे ऐसे नेता है जिनके इतनी अधिक संख्या में फाॅलोयर्स हैं। बराक ओबामा के 43 मिलियन तथा पोप के 14 मिलियन फाॅलोयर्स हैं। चुनाव से पहले एंडरॉयड रथ पर सवार नरेंद्र मोदी इस साल मई 2014 में चुनाव जीतने तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट में फाॅलोयर्स की संख्या 4 मिलियन थी जो अब दुगुनी होकर 8 मिलियन को...

इंडियन इलेक्शन 2014 :- चुनाव का विकीपीडिया।

 चुनावी चर्चा में अब तक आप मशगूल हो चुके होंगे। कौन जीतेगा और किसकी सरकार बननी चाहिए, इस बात को लेकर हर रोज घंटों चर्चा होती होगी। परंतु क्या आपको इस चुनाव के बारे में पूरी जानकारी है। कितने राज्य हैं और किस राज्य में कितनी सीटें हैं। कौन-कौन सी महत्वपूर्ण पार्टियां हैं? यदि नहीं तो आप इंडियन इलेक्शन 2014 एप्लिकेशन को डाउनलोड कर सकते हैं। एप्लिकेशन बेहद ही हल्का है लेकिन उतना ही उपयोगी। एप्लिकेशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके माध्यम से आप न सिर्फ वर्ष 2014 के आम चुनाव की जानकारी ले सकते हैं बल्कि अब तक हुए सभी लोकसभा चुनाव की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही उन चुनावों में क्या मुद्दे रहे और सरकार बनाने वाली पार्टी को कितनी सीटें मिलीं यह जानकारी भी बेहतर तरीके से मुहैया कराई गई है। इंडियन इलेक्शन 2014 एप्लिकेशन में जानकारियों को चार मेन्यू में मुहैया कराया गया है। इन मेन्यू के अंदर सब मेन्यू हैं। पहले भाग में आपको जानकारी दी जाएगी कि किस राज्य में कितनी और कौन सी सीटें हैं। भारत की बड़ी पार्टियां और वर्चुअल पोल का भी विकल्प दिया गया है। अच्छी बात यह कही जा सकती है कि एप...

चुनावी चौपाल : 2014

अगर अब तक आपने चुनाव की चाय नहीं पी तो कोई बात नहीं। नेताओं ने मोबाइल पर चैपाल लगा रखी है। बस आप भी हो जाइए शामिल। मोबाइल से इस चुनावी चैपाल की तैयारियों को बता रहे हैं मुकेश कुमार सिंह। चाय की चैपाल और केजरीवाल का धरना सुनते-सुनते आखिर वह पल आ ही गया जिसके लिए इतने ड्रामें चल रहे थे। हम बात कर रहे हैं लोकसभा चुनाव 2014 की। 7 अप्रैल से शुरू होने वाले इस आम चुनाव को सबसे अलग देखा जा रहा है। शायद इतनी पब्लिसिटी और इतना ड्रामा इससे पहले किसी भी चुनाव में देखने को नहीं मिला होगा। रोड शो से लेकर घर-घर चंदा तक का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाई जा सके। परंतु इस चुनाव में ट्विस्ट लाने का कार्य किया मोबाइल ने। मोबाइल ने न सिर्फ आम जनता को चुनाव के प्रति जागरूक करने का कार्य किया है बल्कि इसे मनोरंजक भी बना दिया। एंडराॅयड हो या विंडोज फोन या कोई और आॅपरेटिंग हर फोन पर इलेक्शन के गेम व एप्लिकेशन उपलब्ध हैं। एप्स जहां चुनाव संबंधी जानकारियां देने के लिए हैं। वहीं गेम में आप जिसे चाहें उसे प्रधानमंत्री बना सकते हैं। चुनाव क...