यह बात बड़े तर्क की रही है कि बच्चों को मोबाइल और टैबलेट देना चाहिए या नहीं। कुछ लोग इसके पक्ष में होते हैं तो कुछ इसके विपक्ष में। जो लोग मोबाइल और टैबलेट देने की बात करते हैं उनका कहना है कि तकनीक का जमाना है और यदि बच्चे तकनीक से दूर रहेंगे तो शायद तेजी से बदलते इस समाज में पीछे रह जाएंगे। वहीं दूसरी ओर जो मोबाइल और टैबलेट के पक्ष में नहीं हैं उनका यह मानना है कि ज्यादा देर छोटी स्क्रीन का उपयोग करने से आंखों पर असर होता है। साथ ही, बच्चे मोबाइल और टैबलेट में फंसे रह जाते हैं इस कारण खेलकूद बंद कर देते हैं। इन चीजों का असर उनके शारीरिक विकास पर होता है। यह बहस बहुत पहले से जारी है और अब तक होती रहती है। इससे पहले भी जब टीवी ने दस्तक दी थी तो भी यही बातें होती थीं कि बच्चों को टीवी देखने देना चाहिए या नहीं। परंतु आज कई चैनल खास बच्चों के लिए उपलब्ध हैं। इसलिए इस बहस को छोड़ यदि अनुशासित ढंग से बच्चों को गैजेट्स दिए जाएं तो शायद कोई हर्ज नहीं है। क्योंकि अच्छा-बुरा तो संस्कार के साथ जुड़ा है लेकिन आज के बदलते युग में तकनीकी को जानना हरेक के लिए जरूरी है। तकनीक...