पहले आप कहीं घूमने का प्लान बनाते थे तो सबसे पहले हाथ में कागज का एक बड़ा सा नक्शा लेकर उस पर जगह-जगह निशान लगाते थे। इसके बाद दस लोगों को फोन कर या संपर्क कर स्थान के बारे में पूरी जानकारी लेते थे। परंतु बात इतने से भी नहीं बनती थी। रास्तों के बारे में यदि पूरी जानकारी प्राप्त न हो तो हर बार गाड़ी खड़ी कर किसी व्यक्ति से सलाह लेनी होती थी। इन सबके बाद भी अक्सर रास्ता भटक जाने और खो जाने का डर लगा होता था। परंतु अब ऐसा नहीं है। घूमने का प्लान अब भी बनाते हैं लेकिन अब न कागज मैप होता है और न ही किसी संपर्क करने की जरूरत बस हाथ में फोन लेकर निकल गए मंजिल की ओर। रास्ता मार्क करने के बजाय अब नेवीगेशन पर पूरा रास्ता देख लेते हैं। इतना ही नहीं, फोन में एक असिस्टेंट भी होता है जो आपको कब, कहां और कितनी दूरी पर मुड़ना है। इन सबके बारे में भी जानकारी देता है। परंतु आपने कभी सोचा है कि मोबाइल पर ये सारी चीजें कैसे संभव हो पाती हैं? क्या आपके मोबाइल में कोई जादूगर है जिसे सारी चीजें पहले से पता होती हैं? हां, यह जादू ही है। जादू भरी इस सेवा को जीपीएस (GPS) कहते हैं...