सरफरोश मूवी में आमिर खान ने एक शेर कहाः- फूल खिलते हैं बहारों का समां होता है, ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है। दिल की बातों को होंठों से बयां नहीं करते, यह फसाना तो निगाहों से बयां होता है। ये बातें हम यहां इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वैलेंटाइंस डे दस्तक दे चुका है और यह वह समय है जिसे प्यार का इजहार करने वालों का त्यौहार कहा जाता है। इस मौके पर उपहारों का बड़ा ही महत्व होता है। उपहार का सिलसिला कब, कहां से और कैसे शुरू हुआ इस पर विचार करने के बजाय हम उपहार तक ही सीमित रहें तो फिलहाल ज्यादा बेहतर है। हां, इतना जरूर कहा जा सकता है कि समय के अनुसार उपहार और उपहार देने के तरीके दोनों में बदलाव आया। कभी ताज महल तो कभी सोने के कंगन। कभी हीरे की अंगूठी तो कभी कार। परंतु आज जमाना मोबाइल का है। इसलिए किसी का दिल जीतने के लिए खूबसूरत और स्टाइलिश मोबाइल या मोबाइल एक्सेसरीज से अच्छा और क्या हो सकता है। आज जमाना तकनीक का है। हर कोई तकनीक से जुड़े रहना चाहता है। ऐसे में वैलेंटाइंस के इस मौके पर बाजार भी तैयार है, खूबसू...