अगर अब तक आपने चुनाव की चाय नहीं पी तो कोई बात नहीं। नेताओं ने मोबाइल पर चैपाल लगा रखी है। बस आप भी हो जाइए शामिल। मोबाइल से इस चुनावी चैपाल की तैयारियों को बता रहे हैं मुकेश कुमार सिंह। चाय की चैपाल और केजरीवाल का धरना सुनते-सुनते आखिर वह पल आ ही गया जिसके लिए इतने ड्रामें चल रहे थे। हम बात कर रहे हैं लोकसभा चुनाव 2014 की। 7 अप्रैल से शुरू होने वाले इस आम चुनाव को सबसे अलग देखा जा रहा है। शायद इतनी पब्लिसिटी और इतना ड्रामा इससे पहले किसी भी चुनाव में देखने को नहीं मिला होगा। रोड शो से लेकर घर-घर चंदा तक का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाई जा सके। परंतु इस चुनाव में ट्विस्ट लाने का कार्य किया मोबाइल ने। मोबाइल ने न सिर्फ आम जनता को चुनाव के प्रति जागरूक करने का कार्य किया है बल्कि इसे मनोरंजक भी बना दिया। एंडराॅयड हो या विंडोज फोन या कोई और आॅपरेटिंग हर फोन पर इलेक्शन के गेम व एप्लिकेशन उपलब्ध हैं। एप्स जहां चुनाव संबंधी जानकारियां देने के लिए हैं। वहीं गेम में आप जिसे चाहें उसे प्रधानमंत्री बना सकते हैं। चुनाव क...